वृंदावन एक आध्यात्मिक जगह है जहां पर साल में करोड़ों लोग दर्शन करने जाते हैं बहुत सारे लोगों को वृंदावन इतना अच्छा लगता है कि वह एक महीना तक वृंदावन में ही रह जाते हैं।
बहुत सारे लोगों का एक सवाल हमेशा रहता है कि हम वृंदावन किस मौसम में जाएं कि हम वहां घूमने का और दर्शन करने का लुफ्त उठा पाए। आज हम आपको वही बताने जा रहे हैं कि आप वृंदावन कौन से मौसम में जाएंगे तो आपके लिए बेहतर होगा।
आप सभी को पता होगा कि वृंदावन दिल्ली के बहुत नजदीक है तो जिस तरह की भीषण गर्मी दिल्ली में पड़ती है वैसी ही भीषण गर्मी वृंदावन में भी पड़ती है। वृंदावन में अगर आप घूमना चाहते हैं तो आपको मौसम के हिसाब से वहां जाना चाहिए जिससे कि आप वृंदावन में जाकर पूरे वृंदावन का लुफ्त उठा पाए। गर्मी के मौसम में वृंदावन में बहुत ज्यादा गर्मी होती है वृंदावन में पर 49 डिग्री तक भी पहुंच जाता है। इसलिए गर्मी के मौसम में वृंदावन में बहुत ही ज्यादा गर्मी होती है अगर आप गर्मी के मौसम में वृंदावन में जाएंगे तो आप खुद को ठगा हुआ महसूस करेंगे क्योंकि भीषण गर्मी में आप वृंदावन के अंदर अच्छे से घूम नहीं पाएंगे।
सबसे बड़ी बात तो यह होती है कि जब आप वृंदावन जाएंगे तो आपका मन परिक्रमा करने के लिए भी रहेगा लेकिन अगर आप गर्मी के मौसम में गए होंगे तो अगर सुबह में परिक्रमा आप नहीं कर पाए तो फिर आप पूरा दिन या शाम में भी परिक्रमा नहीं कर पाएंगे क्योंकि रोड जलते हैं आपको पता होगा की परिक्रमा खाली पर किया जाता है इसलिए आपके पैर में फोड़े होने के भी चांस बन जाते हैं।
इसीलिए आपको वृंदावन जाने से पहले वहां के मौसम का हाल जानना बहुत ज्यादा जरूरी है वैसे तो देखा जाए तो भक्त किसी भी मौसम में अपने भगवान से मिलने वहां जाते ही हैं उन्हें मौसम से कोई मतलब नहीं होता है उन्हें सिर्फ अपने भगवान से मतलब होता है। लेकिन अगर आप घूमने के मूड में है तो वृंदावन में आप उसे मौसम में जाए जब वहां ना तो गर्मी होती है ना ज्यादा ठंडा होता है।
वृंदावन के अंदर सबसे अच्छा घूमने वाला मौसम ठंड का होता है आप मार्च के महीने में वृंदावन में घूमने जा सकते हैं या फिर आप नवंबर के महीने में वृंदावन में घूमने जा सकते हैं या आप फरवरी के महीने में वृंदावन में घूमने जा सकते हैं। इन तीन महीना में वृंदावन में आपको थोड़ी सी भीड़ मिलती है लेकिन मौसम बहुत अच्छा होता है जहां आप घूमने का पूरा लुफ्त उठा सकते हैं।
वृंदावन में जब आप मार्च या नवंबर या फिर फरवरी के महीना में जाते हैं तो आप दिन में कभी भी वृंदावन की परिक्रमा भी कर सकते हैं आप गोवर्धन में भी दिन में ही परिक्रमा कर सकते हैं क्योंकि ना तो बहुत ज्यादा ठंड होता है और ना ही बहुत ज्यादा गर्मी। वृंदावन में जाने का सबसे अच्छा मौसम यही होता है।
वृंदावन कोई छोटी सी जगह नहीं है जवाब वृंदावन घूमने जाते हैं तो आपको साथ में गोवर्धन, बरसाना, नंदगांव और गोकुल जैसे जगह पर भी जाना चाहिए जिसमें थोड़ा सा समय लगता है तो आप अगर ठंड के मौसम में बंदा बन जाते हैं तो पूरा दिन आप घूमेंगे जिससे कि आप दो से तीन दिनों के अंदर इन सारी जगह पर घूम पाएंगे। लेकिन वही अगर आप गर्मी के मौसम में वहां जाएंगे तो आप पूरा दिन घूम नहीं पाएंगे आप सिर्फ सुबह और शाम ही घूम पाएंगे और उन दोनों टीमों पर भीड़ बहुत ज्यादा होती है इसलिए आप अच्छे से दर्शन भी नहीं कर पाएंगे और आपको इन सारी जगह पर घूमने में 5 से 6 दिन का समय लग जाएगा।
अभी आपके ऊपर निर्भर करता है कि आपके पास समय कौन से महीने में होता है आप अपने समय के हिसाब से कभी भी वृंदावन जा सकते हैं इसमें कोई शक नहीं है हम सिर्फ आपको उसे समय के बारे में बता रहे हैं जब आप वृंदावन में पूरा लुफ्त उठा पाए।वृंदावन भगवान का घर है वहां आप जब चाहे तब जा सकते हैं अगर आपको ठंड या गर्मी से कोई मतलब नहीं होता है तो आप भगवान से मिलने कभी भी जा सकते हैं।




