वृंदावन हो या फिर और कोई भी तीर्थ नगरी जहां आप घूमना चाहते हैं आप कुछ ना कुछ बातें उन जगहों के बारे में जानते हैं जिसके लिए आप उन जगहों पर जाते हैं।
तीर्थ नगरी में प्रवेश करने से पहले किसी भी श्रद्धालु को वहां अपने भगवान की लीलाएं आकर्षित करती हैं भक्तों को अपने भगवान की सभी लीलाओं के बारे में पता होता है कि हम जिनके दर्शन करने जा रहे हैं उन्होंने क्या-क्या लीला किया था आज भी वहां पर क्या चमत्कार दिखाते हैं।
चमत्कार ही भक्त को ज्यादा आकर्षित करता है आज हम वृंदावन में मौजूद राधा रमन जी की कुछ ऐसी ही लीलाओं के बारे में आपको बताएंगे जिनके बारे में सुनकर आपको बहुत आनंद आएगा।
वृंदावन में सबसे छोटे ठाकुर के रूप में राधा रमन जी को जाना जाता है क्योंकि यहां जितने भी ठाकुर जी हैं उन सभी की मूर्तियां बड़ी-बड़ी हैं लेकिन जब आप राधा रमन जी का दर्शन करने जाएंगे तो आपको वह बहुत ही छोटे दिखाई देंगे क्योंकि उनका विग्रह बहुत छोटा है इसीलिए वह छोटे ठाकुर के रूप में वृंदावन में प्रसिद्ध है।
बहुत सारे लोग उनका दर्शन करने के लिए अपने साथ दूरबीन लेकर जाते हैं जिससे कि बोर्ड है थोड़े बड़े दिखाई दे और उनका दर्शन अच्छे से हो जाए। राधा रमन जी के बारे आपको जितना बताया जाए वह उतना ही कम लगता है।
भक्तों को सबसे ज्यादा राधा रमन जी की हंसी आकर्षित करती है राधा रमण लाल की खास लीला उनकी सुंदर मुस्कुराती दन्तावली है।
आप जब भी उनका दर्शन करने जाएंगे तो ऐसे तो उनका नॉर्मल दर्शन होता ही है लेकिन जब आप तीन या चार बार उनके दर्शन कर लेंगे तो कभी ना कभी आपको उनके दांतों का दर्शन भी होगा जिससे कि आपको पता चलेगा कि वह इस समय मुस्कुरा रहे हैं। कभी-कभी वह एक दांत या दोनों दांतों से मुस्कुराते हुए दिखाई देते हैं और ऐसा बहुत बार बहुत सारे भक्तों को दर्शन हुआ है आप बहुत सारे ऐसे फोटो देखे होंगे जिसमें की राधा रमण लाल की दांत आपको दिखाई दे रही है।
यही बात भक्तों को बहुत ही ज्यादा आकर्षित करती है क्योंकि बीच-बीच में भगवान ऐसे ही हंसते हुए दर्शन देते हैं।
अगर संभव है तो आप जब भी वृंदावन में राधा रमण लाल की दर्शन करने जाएं तो अपने साथ एक दूरबीन जरूर लेकर जाएं जिससे कि भगवान की सबसे छोटी प्रतिमा का खूब सुंदर दर्शन हो सके वृंदावन में सबसे बड़ा विग्रह बिहारी जी का है और सबसे छोटा विग्रह राधा रमण लाल का है।
वृंदावन में छोटा ठाकुर का दर्शन बहुत ही भाग्य से हो पता है जब तक उनकी इच्छा ना हो वह अपने भक्तों को अपने पास नहीं बुलाते हैं इसीलिए आपको जब भी मौका मिले आप अपने साथ एक छोटा दूरबीन लेकर जरूर जाएं।




