वृंदावन एक ऐसी जगह है जहां जाना हर कोई चाहता है पर किसी न किसी वजह से वह जा नहीं पाते हैं। लेकिन जो लोग भी वृंदावन पहुंच पाते हैं वह वृंदावन की परिक्रमा जरूर करते हैं।
आज हम इस पोस्ट में वृंदावन परिक्रमा के बारे में कुछ ऐसे तथ्य बताएंगे जिसे आप कभी सुने भी नहीं होंगे।
वृंदावन एक ऐसा आध्यात्मिक जगह है जो भगवान की हृदय में वास करता है। ऐसा कहा जाता है कि वहां आज भी भगवान श्री कृष्ण राधा रानी के साथ हर रोज रासलीला करते हैं।
बहुत से ऐसे बृजवासी हैं जो यह बताते हैं कि उन्हें हर रोज रात में बांसुरी और पायल के आवाज सुनाई देती है निधिवन के आसपास रहने वाले बहुत से बृजवासियों का अनुभव यही कहता है।
वृंदावन में परिक्रमा बहुत सारे भक्तों के हृदय में उपवास करता है भक्त अगर बंदा बन जाते हैं तो भगवान के दर्शन से पहले वृंदावन का परिक्रमा करते हैं। वृंदावन का परिक्रमा करीब 6 किलोमीटर के आसपास है। जिसे पूरा करने में भक्तों को 2 घंटे का समय लग जाता है।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर वृंदावन में इतने सारे भक्त परिक्रमा क्यों करते हैं आखिर क्या महत्व है वृंदावन परिक्रमा का।
हम आपको बताने की कोशिश करते हैं कि वृंदावन परिक्रमा का क्या महत्व है।
वृंदावन की परिक्रमा कई कर्म से की जाती है यह एक धार्मिक प्रथम है जो भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं और उनसे जुड़े पवित्र स्थलों के सम्मान और स्मरण करने के लिए किया जाता है। जवाब वृंदावन की परिक्रमा करते हैं तो उसे परिक्रमा के अंदर भगवान श्री कृष्ण के सभी लीलाओं का परिक्रमा पूरा होता है और जितने भी ठाकुर है वृंदावन के अंदर उन सभी की परिक्रमा इस परिक्रमा के अंदर पूरी होती है।
वृंदावन का परिक्रमा मार्ग भगवान श्री कृष्णा की लीलाओं से जुड़े हुए स्थान से होकर गुजरता है जिससे भक्तों को उनके जीवन के विभिन्न लीलाओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।
जब आप वृंदावन की परिक्रमा करते हैं तो इस परिक्रमा मार्ग पर आपको भगवान श्री कृष्णा के होने का अनुभव होते रहता है आपको भगवान की हर एक लीला सामने दिखाई देती है कि इस जगह पर यह लीला हुआ था।
यही वजह है कि जो भी भक्त वृंदावन में श्रद्धा और भक्ति मन में रख कर पहुंचते हैं वह वृंदावन की परिक्रमा जरूर करते हैं जब तक भी परिक्रमा पूरी नहीं करते तब तक उनके मन को शांति नहीं मिलता है।
अध्यात्म के मामले में वृंदावन हर तीर्थ स्थल में आगे है वृंदावन में हर साल करोड़ों लोग आते हैं। और जितने भी भक्त वृंदावन आते हैं उसमें से आदि से अधिक वक्त वृंदावन का परिक्रमा जरूर करते हैं वृंदावन परिक्रमा हर परिक्रमा से सबसे ज्यादा फल दायक माना गया है।
ऐसा कहा जाता है कि अगर आप एक बार वृंदावन की परिक्रमा कर ले तो आपके बहुत सारे जन्मों का पाप खत्म हो जाता है।
जवाब वृंदावन की परिक्रमा करते हैं तो भगवान श्री कृष्ण के अलग-अलग लीलाओं से आप जुड़ते ही है साथ में आपको भगवान के अलग-अलग रूपों का भी दर्शन होता है।
इसीलिए आप जब भी वृंदावन चाहे एक बार वृंदावन की परिक्रमा जरूर करें या परिक्रमा बहुत बड़ा नहीं है इस परिक्रमा को करने में आपको बहुत ज्यादा थकान नहीं होगा। यह परिक्रमा जैसे ही शुरू होता है कुछ ही देर बाद खत्म हो जाता है आपको पता भी नहीं चलेगा सिर्फ 6 किलोमीटर का यह परिक्रमा बूढ़े भक्त भी बहुत आसानी से कर लेते हैं।
वृंदावन के अंदर रहने वाले बहुत सारे भक्त हर रोज वृंदावन की एक बार परिक्रमा जरूर करते हैं वह सुबह के 4:30 से अपने परिक्रमा शुरू करते हैं तो 6:30 तक अपनी परिक्रमा पूरी कर लेते हैं।




