बरसाना में 2 घूमने वाली जगह

मैं आज आपको बरसाना की कुछ ऐसी जगह के बारे में बताऊंगा जहां आप जाने से खुद को रोक नहीं पाएंगे।
आप सभी को पता होगा की बरसाना वह जगह है जहां राधा रानी से जुड़ी हुई बहुत सारी चीज आपको देखने को मिलेंगे।
बरसाना में जब भी आप जाएंगे आपको एक अलग है आध्यात्मिक अनुभव देखने को मिलेगा। बरसाना के अंदर आपको बाहर अध्यात्म का मार्ग मिलेगा जिसकी आप तलाश कर रहे हैं।

जब भगवान श्री कृष्णा गोकुल छोड़कर नंदगांव आ गए थे तब राधा रानी भी अपना गांव रावल छोड़कर बरसाना में आ गई थी बरसाना के अंदर राधा रानी से जुड़ी हुई बहुत सारी चीज आपको देखने को मिलेगी।
ऐसा कहा जाता है कि जो भी भक्त वृंदावन में ठाकुर जी के दर्शन करने जाते हैं उन्हें सबसे पहले बरसाना राधा रानी का दर्शन करने जाना चाहिए क्योंकि राधा रानी पूरे ब्रज की रानी है और बिना उनकी आज्ञा के ठाकुर जी अपने किसी भी भक्त को दर्शन नहीं देते हैं इसलिए कभी भी अगर वृंदावन घूमने जा रहे हैं तो पहले बरसाना जाकर राधा रानी का दर्शन जरूर कर लें।

1. राधा रानी का महल

अगर आप बरसाना जा रहे हैं तो सबसे पहले आपको राधा रानी के महल यानी कि राधा रानी जहां पर विराजमान है वहां जाकर दर्शन करना चाहिए। क्योंकि बिना उनके दर्शन के आपकी यात्रा सफल नहीं हो पाएगी।
बरसाना में राधा रानी का महल अपनी विशिष्ट वास्तु कला और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है यह महल लाल पत्थरों से बना है जो बहुत पुराना है 1675 में राजा वीर सिंह द्वारा या महल बनवाया गया था लेकिन फिर बाद में इस महल को बरसाना के लोगों ने यानी के स्थानीय लोगों ने फिर से बनाया।
आप अगर राधा रानी के महल में दर्शन करने चाहते हैं तो आपको एक अलग ही आनंद की प्राप्ति होगी और उसे महल को देखकर आप एक अलग अनुभव प्राप्त करेंगे।

2.पीली पोखर

जब आप राधा रानी का दर्शन कर ले तो वही बगल में ही आपको पीली पोखर जरूर जाना चाहिए। बरसाने की पीली पोखर जिसे प्रिया कुंड भी कहा जाता है इसका खास बात है कि उसका पानी पीला होता है ऐसा माना जाता है कि राधा रानी ने अपने हाथों में हल्दी और मेहंदी लगाने के बाद इस कुंड में हाथ हुए थे जिससे इस कुंड का पानी पीला हो गया था।
ऐसा कहा जाता है कि जब राधा रानी भगवान श्री कृष्ण से मिलने के लिए गई थी तो वहां पर यशोदा मैया ने उनके हाथों में मेहंदी लगा दिया था और कहा था कि भगवान कृष्ण के साथ तुम्हारा शादी होगा। लेकिन जब राधा रानी बरसाना आए तो उन्हें डर लगने लगा कि जब घर के लोग इस हाथ को देखेंगे तो क्या सोचेंगे फिर उन्होंने वही तालाब में अपने हाथों को धो दिया जिसके बाद से उसे तालाब का पानी पिला हो गया इसीलिए उस पीला पोखर कहते हैं।

अध्यात्म के हिसाब से बरसाना बहुत ही बड़ी जगह है। बरसाना के अंदर आपको अध्यात्म की वह सारी चीज देखने को मिलेगी जिसके लिए आप वहां जा रहे हैं आज भी बरसाना में आपको वैसे ही लोग मिलेंगे जो आपसे बहुत ही सभ्य तरीके से बात करेंगे।
बरसाना जाने के लिए आपको मथुरा से बस की सुविधा मिल जाएगी। जब आप मथुरा स्टेशन पर उतरेंगे तो वहीं पर बहुत सारे ऑटो भी आपको मिलेंगे जो बरसाना आपको लेकर जाएंगे। कहीं से भी आपको किसी भी ऑटो को रिजर्व में लेकर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि बरसाना जाने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या बहुत ज्यादा होती है इसलिए आपको शेयरिंग में ऑटो मिल जाएंगे जो आपसे 80 या 90 रुपए लेंगे और आपको बरसाना पहुंचा देंगे।

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